बगहा, जून 7 -- चनपटिया। योजना दर योजना में अबतक सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये बहे पर पानी नहीं बहा। कहानी नगर पंचायत चनपटिया की है जिसकी 40 हजार आबादी पिछले चार दशक से नल से पानी टपकने का इंतजार कर रही है। यह हाल तब है जब जलापूर्ति की तीन-तीन योजना मद से लगभग 6 करोड़ रुपये अभी तक खर्च किए जा चुके हैं। पीने का पानी के लिए शहरवासी अब भी अपने संसाधनों पर हीं निर्भर हैं। शुद्ध पेयजल संकट वाले इस इलाके में अब पानी का धंधा भी चल निकला है। मजबूर लोग महंगी दर पर जारबंद पानी खरीदकर पी रहे हैं। सेहत के लिए यह पानी कितना शुद्ध है यह विभागीय जांच का अलग विषय है। चनपटिया में जलापूर्ति की कहानी 1980-81 से शुरू होती है तब यह इलाका अधिसूचित क्षेत्र समिति के अधीन हुआ करता था। शहरी जलापूर्ति योजना के प्रस्ताव के साल भर बाद ही वर्ष 1981-82 में 19.55 लाख रुपये...
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