चतरा, जनवरी 4 -- सिमरिया प्रतिनिधि जंगली हाथी और जंगली जानवरों के गुस्से का पिछले पांच छह वर्षों में अबतक एक दर्जन लोग शिकार हो चुके हैं। सिमरिया में पिछले छह वर्षों में लगभग आधा दर्जन लोग गजराजों के गुस्से का शिकार हुए हैं। इनमे सलगी, चिरैयाटांड़, लोबगा, कासियातु के किसान शामिल हैं। लगभग छह वर्ष पूर्व लखन राम को हाथियों को चपेट में ले लिया।इसके अलावा हर्षनाथनपुर और लाहथोरवा के तेतरी देवी, शुकर भुइयां सहित अन्य शामिल हैं। बहरहाल आंकड़ों के अनुसार टंडवा में 9 नवंबर 17 को कुमडांग खुर्द के टिभर साव,17 मार्च 2018 को चिरलोंगा के सरिता कुमारी, 22 अक्तूबर 2018 को मंडेर के जयलाल उरांव, 21 अगस्त 2019 को सराढू पंचायत के सुइयाटांड़ के जोहन उरांव तथा लकड़बग्घा से 5 जूलाई 2020 को घायल पदमपुर के धनु भुइयां की मौत पिछले दिनों हो गयी।जबकि 4 अगस्त को टंडवा के...