गया, जनवरी 28 -- बोधगया स्थित भूटान के प्रसिद्ध ड्रूक थुबतेन छोलिंग शांडूंग बौद्ध मठ में वार्षिक सात दिवसीय पूजा के अंतिम दिन चक्रसंवर साधना के अंतर्गत पवित्र अग्नि अर्पण अनुष्ठान का आयोजन श्रद्धा और विधि-विधान के साथ किया गया। यह अनुष्ठान वज्रयान बौद्ध परंपरा का एक महत्वपूर्ण और प्राचीन कर्मकांड है, जिसका उद्देश्य आत्मिक शुद्धि, नकारात्मक कर्मों का परिष्कार और समस्त प्राणियों के कल्याण की कामना करना है। अनुष्ठान के दौरान लामाओं ने मंत्रोच्चार के साथ अनाज, मक्खन, औषधीय जड़ी-बूटियां, धूप सहित अन्य प्रतीकात्मक सामग्री को पवित्र अग्नि में अर्पित किया। मान्यता है कि अग्नि दिव्य माध्यम के रूप में भौतिक अर्पण को सूक्ष्म अर्पण में परिवर्तित करती है, जिसे प्रबुद्ध प्राणी और धर्म रक्षक स्वीकार करते हैं। चक्रसंवर, जिसे 'पूर्ण आनंद का चक्र' भी कहा ज...