विकासनगर, जुलाई 6 -- चकराता से देवबन और मोयला टॉप जा रहे पर्यटकों से वन विभाग मार्ग सुधारण शुल्क और ईको टूरिज्म शुल्क के नाम पर मोटी रकम वसूल रहा है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर विभाग ने कोई इंतजाम नहीं किया है। स्थानीय होटल व्यावसायियों और पर्यटकों ने वन विभाग के इस शुल्क को अत्यधिक बताते हुए इसे आर्थिक शोषण करार दिया है। बड़ी संख्या में पर्यटक चकराता घूमने आते हैं। इनमें से अधिकांश पर्यटक मोयला टॉप और देवबन घूमने जाते हैं, लेकिन यहां पहुंचते ही वन विभाग के कर्मचारी पर्यटकों से प्रति वाहन पांच सौ रुपये मार्ग सुधारण शुल्क और पचास रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से ईको टूरिज्म शुल्क वसूल रहे हैं। देवबन जाने वाला 14 किलोमीटर लंबा मार्ग कच्चा और बहुत खराब स्थिति में है। मार्ग पर सिर्फ एसयूवी वाहन ही जा पाते हैं। जबकि मोयला टॉप जाने के लिए लोखंडी से...
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