मिर्जापुर, जून 3 -- मिर्जापुर, संवाददाता। करीब 40 साल से अधूरी पड़ी चकबन्दी प्रक्रिया अब ग्राम अकसौली के लिए सिरदर्द बन गई है। गांववाले आरोप लगा रहे हैं कि बिना पूरी पैमाइश और कब्जा परिवर्तन के ही चकबन्दी विभाग ने धारा 52 का प्रकाशन कर दिया, जिससे गांव में जमीन को लेकर अराजकता और गृहयुद्ध जैसी स्थिति बन गई है। ग्रामवासी मुरारी लाल बिन्द, मटरू, कनकन विश्वकर्मा समेत दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की है कि चकबन्दी के नाम पर कागजों में खेल हो रहा है। हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के बाद 1983 में अधूरी नापी छोड़ दी गई थी लेकिन विभाग ने बिना दोबारा नापी कराए कागजी प्रक्रिया पूरी कर दी। 13 मई को ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पर धरना भी दिया, जिसके बाद अधिकारियों ने टीम भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन 30 मई को कोई नहीं आया। गांव...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.