नई दिल्ली, अप्रैल 9 -- भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने न्यायाधीशों की संपत्ति की घोषणा का समर्थन किया है। हालांकि उन्होंने नसीहत भी दी है। इसके साथ ही उन्होंने अभिव्यक्ति की आजादी की भी पैरवी की है। न्यूज-18 द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ ने न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी पर भी अपना पक्ष रखा है। चंद्रचूड़ ने कहा, "स्वतंत्र अभिव्यक्ति भारतीय लोकतंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यह कभी भी सौदेबाजी का मुद्दा नहीं होना चाहिए।" उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत में एक मजबूत कानून है जो अश्लीलता, मानहानि, और धार्मिक समुदायों के बीच घृणा फैलाने जैसी समस्याओं से निपटता है। इस दौरान उन्होंने जजों के संपत्ति ब्योरे के सार्वजनिक होने को लेकर भी अपने विचार साझा किए। चंद्रचूड़ ने...
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