अमरोहा, जुलाई 21 -- करीब 50 साल पहले स्थापित जिले की इकलौती सहकारी चीनी मिल की पेराई क्षमता वृद्धि मुख्यमंत्री की घोषणा के करीब आठ वर्ष बाद भी नहीं हो सकी है। जर्जर हो चुके मिल के कल-पुर्जे हर पेराई सत्र के दौरान गन्ना किसानों को रुलाते हैं। तकनीकी खामी के चलते मिल बंद होने के कारण किसानों को सर्दी में कई-कई दिन तक मिल में गन्ना लेकर खड़े रहना पड़ता है। इंडस्ट्री के नाम पर ब्लाक क्षेत्र की एकमात्र पहचान बनी सहकारी चीनी मिल की क्षमता वृद्धि की घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 अप्रैल 2018 को नगर के नुमाइश ग्राउंड पर आयोजित जनसभा में की थी। इसके साथ ही 20 हजार से अधिक गन्ना किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। उम्मीद बंधी कि क्षमता वृद्धि होने से गन्ना पेराई बेहद सुलभ व त्वरित हो जाएगी। कई-कई दिन तक चीनी मिल में गन्ना लेकर खड़े नहीं रहन...
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