सीवान, फरवरी 13 -- सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में दलहन की खेती वर्तमान समय में घोड़पड़ासों के आतंक व गुणवत्तापूर्ण बीज की कमी से प्रभावित हो रही है। इन दोनों कारणों से चना, मसूर व अरहर की फसल पर व्यापक असर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि घोड़पड़ास के झुंड रात के समय खेतों में घुसकर फसलों को रौंद देते हैं, खासकर अरहर व मसूर की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। सदर प्रखंड के किसान रामाशीष भगत, उस्मान अंसारी, जितेन्द्र यादव, अरुण राय आदि ने बताया कि घोड़पड़ासों के रौंदने से एक ही रात में कई कट्ठा फसल बर्बाद हो जाती है। इससे पूरी मेहनत पर पानी फिर जाता है। खेतों की सुरक्षा के लिए बाड़ लगाने या रखवाली करने में अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर, प्रमाणित व उन्नत किस्म के बीज समय पर उपलब्ध नहीं हो पाते। सरकारी अनुदान पर ब...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.