लखनऊ, दिसम्बर 24 -- चकबंदी कराने के एवज़ में दस हज़ार रुपए की रिश्वत की मांग करने वाले चकबंदी आयुक्त कार्यालय के चपरासी राजकुमार सिंह को दोषी ठहराकर भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश श्याम मोहन जायसवाल ने चार साल की कैद और बीस हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। कोर्ट में अभियोजन की ओर से सरकारी वकील महेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि वादी राजेश कुमार सिंह ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन के एसपी से 11 जून 2018 को शिकायत की थी कि उसके गाव में चकबंदी नहीं हो रही थी। गांव के कुछ दबंग भूमाफिया ने चक रोड और किसानों की ज़मीन पर कब्जा कर लिया है अगर चकबंदी हो जाए तो अवैध कब्जे खत्म हो जाएंगे। वादी अपने गांव की चकबंदी कराने के लिए 19 मार्च 2018 को चकबंदी आयुक्त कार्यालय अर्जी लेकर गया। जहां पर वादी को चपरासी राजकुमार सिंह मिला। जिसने बताया कि अधिक...