संतकबीरनगर, अक्टूबर 24 -- हिन्दुस्तान टीम, संतकबीरनगर। देश के विकास का रास्ता गांवों से होकर जाने की बात कही जाती है, लेकिन गांवों की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। यही हाल मेंहदावल ब्लाक के घूरापाली गांव का है। यहां की हालत देखी जाए तो साफ हो जाता है कि यहां विकास सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गया है। शहीद गणेश शंकर यादव का गांव होने के बावजूद यहां के विकास पर ध्यान नहीं दिया गया। यहां की टूटी-फूटी सड़कों, गंदगी से पटी गलियों, बजबजाती नालियों और जगह-जगह फैली गंदगी को देख कर लगता है जैसे समय भी यहां थम गया हो। गांव में पंचायत भवन, सार्वजनिक शौचालय का निर्माण होने के बावजूद सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। यहां पहुंचने के लिए ग्रामीणों को जर्जर सड़क का सहारा लेना पड़ता है। गांवों का विकास सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन घूरापाली गांव में घुसते ही ब...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.