मुजफ्फरपुर, जनवरी 28 -- मुजफ्फरपुर। प्रमुख संवाददाता जिले के 720 स्कूलों के बच्चों को घूमने के लिए सात साल पहले एक करोड़ 44 हजार रुपये दिए गए थे। अब तक इस राशि का न तो साक्ष्य दिया गया और न ही हिसाब। आदेश के बाद भी बुधवार को प्रखंड स्तरीय कैम्प में न प्रखंड शिक्षा अधिकारी पहुंचे और न ही हेडमास्टर। मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना का हिसाब नहीं देने पर नौ बीईओ पर कार्रवाई का आदेश दिया गया है। यही नहीं, हिसाब नहीं मिलने पर अब बची राशि की भी खोज हो रही है। डीपीओ स्थापना इन्द्र कुमार कर्ण ने यह कार्रवाई की है। आदेश के बाद भी महज तीन प्रखंड मुरौल, कांटी और सरैया ने आधा अधूरा बिल दिया जो स्वीकारने लायक नहीं है। डीपीओ ने कहा कि अगर किसी स्कूल ने राशि खर्च नहीं की है तो बची राशि जमा करेंगे। बिल और हिसाब नहीं देने पर संबंधित बीईओ पर अनुशासनिक कार्रवाई क...