नई दिल्ली, जून 5 -- राजस्थान सरकार प्रदेश के हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने के लिए एक नई योजना पर काम कर रही है। राज्य के शिक्षा विभाग की इस अनोखी पहल के तहत अब 'चल विद्यालय' यानी चलता-फिरता स्कूल खोले जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य उन बच्चों तक शिक्षा पहुंचाना है जो अब तक पारंपरिक विद्यालयों से जुड़ नहीं पाए हैं, खासकर वे जो घुमंतू जातियों से आते हैं और एक स्थान पर स्थायी रूप से नहीं रहते। क्यों है यह योजना जरूरी? राजस्थान में लगभग 70 हजार सरकारी स्कूल हैं, लेकिन इसके बावजूद राज्य के कई बच्चे अब भी शिक्षा के दायरे से बाहर हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है घुमंतू जनजातियों का लगातार स्थान परिवर्तन करना। ये समुदाय अक्सर एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित होते रहते हैं, जिससे उनके बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता नहीं बन पाती। नतीजतन, ऐसे बच्चों में स...
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