वाराणसी, दिसम्बर 8 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। आए दिन गंगा में बहकर आ रहे जानवरों के शवों के निस्तारण का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। नगर निगम के कर्मचारी इसे अपना काम नहीं मानते। कई घाटों के किनारे शव पड़े हुए हैं। जानवरों के शवों से आती दुर्गंध का दंश घाट किनारे आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को झेलना पड़ रहा है। सोमवार को विश्वनाथ धाम के गंगद्वार के समक्ष भी ऐसी समस्या सामने आई। यहां कुत्ते मृत जानवरों को खाते दिखे। त्रिलोचन घाट पर भी कुछ ऐसा ही गंदगी पसरी पड़ी है। नमामि गंगे गंगा विचार मंच के जिला संयोजक शिवम अग्रहरि ने बताया कि कई बार शिकायत के बाद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। जिम्मेदार विभाग और अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। नगर निगम कर्मचारी भी अक्षम हैं, क्योंकि उनके पास नाव नहीं हैं। वे शव लेकर कैसे और कहां जा...