नई दिल्ली, जनवरी 5 -- मद्रास हाई कोर्ट ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि राज्य प्रशासन अंधविश्वास या अवैज्ञानिक तथ्यों या जन आशंकाओं के आधार पर कार्रवाई नहीं कर सकता है। अगर कोई व्यक्ति निजी आवास में शांतिपूर्ण तरीके से कोई पूजा पाठ कर रहा है, तो उसमें किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता और न ही राज्य जनता के अंधविश्वास के आगे झुक सकता है। मद्रास हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए आया यह मामला चेन्नई का था। इसमें कार्तिक नामक एक व्यक्ति ने अपने निजी आवास में हिंदू देवी शिवशक्ति दक्षेश्वरी और देवता विनायगर और वीरभद्रन की मूर्तियों की स्थापना की थी। इसके बाद आसपास के लोगों ने इलाके में हुई अस्वाभाविक मौतों के लिए इन मूर्तियों को जिम्मेदार माना और प्रशासन से शिकायत की। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मूर्तियों को वहां से हटा दिया, ज...
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