चम्पावत, जुलाई 7 -- चम्पावत। चम्पावत में विधि विधान के साथ हरेला बोया गया। हरेला पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक माना जाता है। हरेले में पांच से सात प्रकार की फसलों के बीज बोए जाते हैं। हरेला पर्व के दिन इसे सिर पर धारण किया जाता है। चम्पावत में सोमवार को हरेला बोया गया। धान, मक्का, तिल, उड़द, सरसों, जई आदि के बीज पत्तों से बने कटोरे, रिंगाल या पहाड़ी बांस की टोकरियों में बोए जाते हैं। नौवें दिन हरेला पर्व पर काटने के बाद सिर में धारण किया जाता है।
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