लखनऊ, दिसम्बर 10 -- मानवाधिकार दिवस पर एडवा की ओर से आयोजित घरेलू कामगार महिला संगठन के कन्वेंशन में बुधवार को कामगार महिलाओं की समस्याएं और दर्द सामने आया। कन्वेंशन में एक ओर जहां सरकार से घरेलू कामगार महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए एक केंद्रीय कानून बनाने की मांग की गई। वहीं, दूसरी ओर कन्वेंशन में शहर की 12 बस्तियों से आई घरेलू कामगार महिलाओं ने अपनी पीड़ा बखान की। घरेलू कामगार यूनियन की महासचिव स्मिता पांडे ने घरेलू कामगार महिलाओं के अधिकारों व मांग के साथ एक प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव में सरकार से केंद्रीय कानून की मांग के साथ सभी घरेलू कामगारों का सर्वे कर श्रम मंत्रालयों द्वारा पहचान पत्र दिये जाने, मंहगाई के हिसाब से मानदेय में इजाफा, वेतन व छुट्टियों का ढांचा तय किये जाने की मांग की गई। इसके साथ ही 55 साल की उम्र के...
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