बगहा, जनवरी 1 -- 90फीसदी दुकानदार ग्राहकों को जीएसटी बिल नहीं देते हैं। इससे दुकानदार टैक्स की चोरी करते हैं। मुनाफाखोरी कर रहे हैं। जबकि अपनी गाढी कमाई से सामानों की खरीदारी करने वाले ग्राहक ठगा सा महसूस कर रहें हैं। आज भी कच्चे पर्ची पर सामानों की बिक्री की जा रही है। जबकि विभाग ने जीएसटी बिल अपना अधिकार अभियान के तहत ग्राहकों को दुकानदारों से जीएसटी बिल लेने के लिए प्रेरित किया है। खरीदारी कई बार बिल मांगते भी हैं, लेकिन दुकानदार कन्नी काट लेते हैं। कपड़ा कारोबारी, रेडीमेड कपड़े, मेडिसिन, छड़ सीमेंट कारोबारी, स्वर्ण कारोबारी, हार्डवेयर, कीटनाशी बीज, किराना दुकानदार अपने ग्राहकों को जीएसटी बिल की बजाय कच्चा पर्ची देते हैं। जिसके कारण सामान के नुकसान पर ग्राहकों का दावा नहीं बनता है। कई बार कच्चे पर्ची पर दुकानदार ग्राहकों को गलत सामान द...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.