एटा, जनवरी 7 -- पंचायती राज विभाग की ओर से जिले की सभी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस घोषित किया जा चुका है। ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की योजना पूरी तरह ठप पड़ी है। सफाई के संसाधन उपलब्ध होने के बाद भी गांवों में स्वच्छता अभियान दम तोड़ रहा है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को यह तक नहीं पता कि वर्तमान में कितनी पंचायतों में वास्तविक रूप से कूड़ा उठान हो रहा है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के दूसरे चरण के तहत जिले की सभी 569 ग्राम पंचायतों को कूड़ा कचरा मुक्त बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर से लाखों रुपये से बजट से कूड़ा गाड़ियां, ई-रिक्शा, हैंड कार्ट और प्लास्टिक बैंक लगाए गए थे। इनके अलावा पॉलिथीन निस्तरण के लिए एमआरएम सेंटर भी बनाए गए थे। उसके बाद भी जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों में निस्क्रीय ...
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