गिरडीह, जून 11 -- बेंगाबाद, प्रतिनिधि। स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों रुपए खर्च कर बनाया गया सामुदायिक शौचालय आम लोगों के काम में नहीं आया। खुले में शौच मुक्त के लिए जगह जगह पर लगभग तीन लाख रुपए से शौचालय का निर्माण कराया गया था। वर्ष 2020 - 2021 में घर-घर के अलावा सार्वजनिक स्थलों पर अलग से सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण कराया गया था। पूर्व डीसी उमाशंकर सिंह के निर्देश पर बेहतर ढंग से शौचालय को बनाया भी गया लेकिन बनने के साथ ही लक्ष्य से शौचालय दूर नजर आने लगे। शौचालय बनने के बाद शत प्रतिशत शौचालयों में ताला लटक गया। शौचालय निर्माण के चार वर्ष बीत गए। रख-रखाव के अभाव में कई शौचालयों का हाल बेहाल बन गया है और कई शौचालयों में वर्षों से ताला लटका हुआ है। जिससे इस मद में खर्च किए गए करोड़ों की सरकारी राशि व्यर्थ साबित हो रही है। बेंगाबाद प्...
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