हल्द्वानी, फरवरी 8 -- - एक साल पहले शासन को चैनलाइज करने के लिए भेजी जा चुकी है सर्वे रिपोर्ट हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता हल्दूचौड़ और बिंदुखत्ता के बीच नदी के करीब 2.5 किलोमीटर लंबे हिस्सा जो हाथी कॉरिडोर भी है में लगभग 4 लाख घन मीटर रेत-बजरी (आरबीएम) के ऊंचे ढेर लग गए हैं। यह कॉरिडोर कार्बेट-राजाजी पार्क से नेपाल तक आने वाले हाथियों के लिए नेपाल तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है। आरबीएम के चलते हाथियों की आवाजाही तो प्रभावित हो ही रही है वहीं आधा दर्जन से ज्यादा गांव में भू-कटाव भी हो रहा है। एक साल पहले सर्वे कर रिपोर्ट शासन को सौंपी जा चुकी है। लेकिन मामले में कोई रिजल्ट नहीं निकला है। जानकारों के अनुसार हाथी कॉरिडोर में जमा रेता बजरी पत्थर के चलते हल्दूचौड़ से बिंदुखत्ता के बीच करीब आधा दर्जन से ज्यादा गांव की कृषि भूमि प्रभावित हो रही ...