हल्द्वानी, दिसम्बर 12 -- फोटो हल्द्वानी कार्यालय संवाददाता। गौला नदी का पानी मटमैला होने से पेयजल की लागत बढ़ गई है। नदी से फिल्टर प्लांट तक पहुंच रहे पानी का साफ करने के लिए जल संस्थान को अतिरिक्त धनराशि खर्च करनी पड रही है। हालांकि प्लांट मे पानी साफ करने के बाद ही घरों तक भेजा जा रहा है। गौला नदी के अपर स्ट्रीम मे जमरानी बांध का निर्माण किया जा रहा है। मुख्य बांध के निर्माण के लिए नदी का रुख बदलने को टनल बनाई जा रही है। जिससे लगातार मिट्टी निकल रही है। मिट्टी के पानी मे मिलने से नदी का पानी मटमैला हो रहा है। ऐसे मे गौला बैराज मे गंदा पानी पहुंच रहा है। यहां पानी जल संस्थान के शीशमहल फिल्टर प्लांट भेजा जाता है। मटमैला पानी मिलने पर विभाग को फिटकरी (एलएम) और क्लोरिन (ब्लीचिंग पाउडर) का अतिरिक्त प्रयोग करना पड रहा है। जिससे साफ पानी मिलने...