नई दिल्ली, सितम्बर 26 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि व्यंग्य व राजनीतिक आलोचना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा हैं, लेकिन इसकी आड़ में अश्लील व यौन-सूचक हमलों को उचित नहीं ठहराया जा सकता। न्यायमूर्ति अमित बंसल की पीठ ने यह टिप्पणी भाजपा प्रवक्ता व वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया के पक्ष में अंतरिम निषेधाज्ञा पारित करते हुए की। पीठ गौरव भाटिया की एक वायरल टीवी बहस क्लिप के बाद प्रसारित कथित रूप से मानहानिकारक व छेड़छाड़ किए गए पोस्ट के खिलाफ उनकी याचिका पर सुनवाई कर रही है। पीठ ने इस मामले में समाजवादी पार्टी मीडिया सेल व एक अन्य प्रतिवादी को 24 घंटे में विशिष्ट यूआरएल हटाने का निर्देश दिया। ऐसा न करने पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) को 72 घंटे के भीतर उन्हें हटाना होगा। पीठ ने कई निजी व्यक्तियों व वेबसाइट को इसे तत्काल हटाने को कहा है। पीठ ने सभी...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.