हजारीबाग, नवम्बर 8 -- हजारीबाग, प्रतिनिधि। गौतम बुद्ध शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय मुकुंदगंज, हजारीबाग में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150वें साल के स्मरणोत्सव मनाया गया। यहां शिक्षक, प्रशिक्षुओं और शिक्षकेत्तरकर्मियों ने बड़े ही गौरव से इस गीत का स्मरण किया। सभी के हाथों में तिरंगा भी लहरा रहा था। महाविद्यालय के बहुउद्देश्यीय हॉल में सभी देशभक्ति के जज्बे से लबरेज वंदे मातरम्. गीत गा रहे थे। इस दौरान प्राचार्या डॉ बसुंधरा कुमारी ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का इतिहास बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वंदे मातरम गीत देशभक्ति की प्रेरणा का प्रतीक बन गया। वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान का प्रतीक बनकर उभरा। स्वतंत्रता सेनानियों ने इसे संघर्ष के दौरान अपने नारे के रूप में अपनाया। फिर सभी ने ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.