कानपुर, फरवरी 3 -- कानपुर। यूनियन बजट में प्रस्तावित आयकर व जीएसटी संबंधित संशोधनों पर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन द्वारा गोष्ठी आयोजित की गई। पदाधिकारियों ने बताया कि आयकरदाताओं को कर बोझ से राहत नहीं मिली है। अगले वित्तीय वर्ष में ओल्ड टैक्स रेजीम व नई टैक्स दरें रेजीम लागू रहेंगी। करदाता को विकल्प चुनने की छूट मिलेगी। खास बात यह है कि जेल की सजाओं से मुक्ति व उसकी अवधि कम की गई है। इसके स्थान पर अर्थदंड व लेट फीस के रूप में धनराशि वसूली जाएगी। आयकर रिटर्न दाखिला व दाखिला रिटर्न में किए गए संशोधन अब वित्तीय वर्ष की समाप्ति से अगले वित्तीय वर्ष की 31 दिसंबर से बढाकर 31 मार्च कर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि अघोषित विदेशी संपत्ति व आमदनियों को घोषित करने के मामले में छह माह की योजना सरकार द्वारा घोषित की जाएगी। पांच के स्थान पर दो फीसदी टी...
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