गंगापार, फरवरी 1 -- विकास खंड मेजा के भैंया गोवंशशाला को छोड़ अन्य गोवंशशालाओं में पशुओं के भूसा, चूनी, चोकर व हरा चारा की व्यवस्था ठीक-ठाक मिली, हालांकि शासन की ओर से इन पशुओं के लिए कोट के लिए धन न मिलने से कोट नहीं पहनाया जा सका था, ठंड से पशुओं को बचाने के लिए गोवंश शाला के चारों ओर तिरपाल लगाया गया था। हिन्दुस्तान टीम ने भैंया गोवशंशालें को देखा तो वहां पर कोई केयर टेकर मौजूद नहीं रहा, पशुओं को सिर्फ सूखा भूसा दिया गया था, चूनी चोकर की व्यवस्था नहीं रही। उधर सिलौधी स्थित गोवंशशाला में दोपहर पशुओं को केयर टेकर द्वारा हरा चारा दिया जा रहा था। पशुओं के बैठने की जगह साफ-सफाई अच्छी रही। प्रधान सूरजा देवी ने पूंछने पर बताया कि सरकार द्वारा प्रति पशु 50 रूपए प्रतिदिन मिलता है, उससे अधिक पशु को खिलाने पर चला जाता है। भूसा स्टोर में भरा पड़ा है...