उरई, नवम्बर 21 -- आटा। आपके अपने अखबार हिंदुस्तान ने 21 नवंबर को आटा गोशाला में जर्जर टीन शेड, तिरपाल भी फ़टे शिर्षक से खबर को प्रकाशित किया था। खबर संज्ञान में लेते ही डीएम ने बीडीओ को कार्यवाही के लिए निर्देश दिए, जिसके बाद कई ग्राम पंचायतों में गोशालाओं की दशा सुधारने की प्रक्रिया शुरू की गई। शुक्रवार सुबह से ग्राम प्रधान व सचिव गोशालाओं में पहुंचकर इंतजाम करते दिखाई दिए। आटा, भदरेखी, अकबरपुर और गोशाला क्षेत्र की गोशालाओं में मवेशियों को ठंड से बचाने पर ध्यान दिया गया। जहां टीन शेड जर्जर थे, वहां बड़े तिरपाल से चारों तरफ ढका गया। गोशालाओं के मुख्य हिस्से में अलाव के लिए सूखी लकड़ियां और छाल भी जमा की गईं। कर्मचारियों का कहना था कि तापमान लगातार गिरने से मवेशी बीमार न हों, यह प्राथमिकता है। दिन और रात में अलाव जलाने के निर्देश दिए गए हैं...
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