गंगापार, फरवरी 1 -- ठंड चरम पर होने के बावजूद भी मांडा के सरकारी पांचों गोशाला में ठंड से गोवंशों के बचाव की कोई खास व्यवस्था न होने से ठंड में रात भर कांपते गोवंश दिन दिन भर धूप न निकलने और रात के शीतलहरी से किसी तरह जी रहे हैं। फटी व आधी अधूरी पन्नी गोवंशों को ठंडी से बचाव में नाकाफी साबित हो रहे हैं। मांडा के सभी गोशालों में साफ सफाई की दशा बेहद खराब होने से गंदगी का अंबार लगा रहता है। ठंडी के मौसम में गोबर का निस्तारण न होने से मच्छर जनित रोगों से भी गोशाला में रह रहे तमाम गोवंश ग्रसित हैं। मांडा क्षेत्र में कुल पांच सरकारी गो आश्रय केंद्र हैं, जिनमें रविवार को मांडा खास में 344, भवानीपुर के देवरी गोशाला में 313, ऊंचडीह उपरौध ग्राम पंचायत के कुशलपुर गोशाला में 165, पियरी में 215 और केड़वर में 213 गोवंश सहित पांचों गोशाला में कुल 1250 ...