मुरादाबाद, दिसम्बर 12 -- मुरादाबाद। सूर्य नगर में पीपल वाले मंदिर के पास चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास कृष्ण कांत शास्त्री ने शुक्रवार को गोवर्धन पर्वत की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि एक बार वृंदावन में श्री कृष्ण की पूजा देख इंद्र नाराज हो गए। उन्होंने बरसात शुरू कर दी। तब ग्वालों एवं गायों को बचाने के लिए श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत एक ऊंगली पर सात दिन तक उठा कर इंद्र का अभिमान तोड़ दिया। तब से ही इस की पूजा होने लगी। मान्यता है इसकी परिक्रमा करने कष्टों से मुक्ति मिलती है। व्यवस्था में रचना शर्मा, पल्लवी, डॉली, सुशील तोमर, सीनू, लक्ष्मी, शुक्लानी, मीना,ममता आदि का सहयोग रहा।
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