फतेहपुर, जनवरी 11 -- फतेहपुर। गोशालाओं की गतिविधियों को तीसरी आंख देख नहीं पा रही है। सर्दियों से बचाव के अधूरे इंतजाम और पर्याप्त चारा भूसा तक से नजर दूर है। लाखों खर्च के बाद भी निगहबानी पर सवाल उठ रहे हैं। अफसरों ने मॉनिटरिंग के दौरान पाई गड़बड़ियों को दूर करने के जिम्मेदारों को निर्देशित किया है। जिले की 63 गौशालाओं में 12 हजार से अधिक संरक्षित पशुओं की देखरेख जिम्मेदारों और सेवा के लिए गौपालक तैनात है। गौशाला की गतिविधियों और गोवंशों पर निगाह बनाने के लिए तीन से चार सीसीटीवी कैमरा लगाए गए थे। इसके बाद भी गौशालाओं में सर्दियों से बचाव की अधूरे इंतजामों से पशु ठिठुरन और पर्याप्त हरा चारा की कमी से बीमार पड़ रहे हैं। गौशाला की उजागर होती गड़बड़ियों पर अफसरों ने निगाहे तेज की तो कई के सीसीटीवी कैमरे सही नहीं पाए गए। ग्रामीण क्षेत्रों की ...