बागेश्वर, मार्च 22 -- राजकीय पेंशनर परिषद की बैठक में लंबित समस्याओं पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने सराकर पर उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि यदि उम्र के इस पड़ाव में वह एकजुट नहीं होंगे तो सरकार उनकी एक भी समस्या नहीं सुनेगी। संगठन के माघ्मय से वह अपनी सभी लंबित मांगों को पूरा कराकर ही दम लेंगे। संगठन की मजबूती का संकल्प दोहराया। बैजनाथ के एक होटल में शनिवार को परिषद की बैठक हुई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पेंशरों को गोल्डन कार्ड का लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि उनकी पेंशन से हर महीने कार्ड के नाम पर राशि काटी जा रही है। उन्होंने सरकार से काटी जाने वाली राशि बंद करने या कार्ड का लाभ देने की मांग की। उन्होंने कहा कि कोविड काल के 18 महीने की डीए की किस्त नहीं मिली है। इससे उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। उन्होंने सरकार से डीए की किस्त जारी करन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.