अहमदाबाद, फरवरी 3 -- गुजरात पुलिस द्वारा हाल ही में पकड़े गए अंतर्राज्यीय चाइल्ड ट्रैफिकिंग रैकेट की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि बाजार में बच्चे का दाम तय करने में उसका रंग और जेंडर सबसे अहम होते हैं। गोरे रंग के बच्चों की कीमत 6-7 लाख रुपये मिलती थी, जबकि सांवले रंग के बच्चे 2-3 लाख रुपये में बेचे जाते थे। गुजरात और तेलंगाना के बीच चल रहे बच्चों की तस्करी के रैकेट का हाल ही में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने भंडाफोड़ किया है। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, क्राइम ब्रांच के सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि गोरे रंग के बच्चों की कीमत 7 लाख रुपये तक थी, जबकि सांवले रंग के बच्चों की कीमत 2-3 लाख रुपये थी। सूत्रों ने बताया कि लड़कों की कीमत अधिक थी - लड़कियों को 1.5...
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