लखनऊ, फरवरी 20 -- राज्य परिवर्तन आयोग की ओर से शुक्रवार को गोमती पुनर्जीवन पर होटल ताज में एक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का मकसद गंगा की प्रमुख सहायक नदी गोमती को प्रदूषण मुक्त, स्वच्छ, सतत और जीवनदायिनी स्वरूप में पुनर्स्थापित करने के लिए समग्र, वैज्ञानिक, व्यावहारिक और दीर्घकालिक रणनीति तैयार करना रहा। इसमें नीति निर्माण, वित्तीय रणनीति, तकनीकी समाधान, संस्थागत ढांचा, संचालन प्रणाली और नागरिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन हुआ। उद्घाटन सत्र में राज्य ट्रांसफार्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने जरूरत, वर्तमान चुनौतियों और दीर्घकालिक समाधान का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि गोमती के प्रदूषण की समस्या केवल पर्यावरण से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह जनस्वास्थ्य, आजीविका, जैव विविधता और भावी पीढ़ियों के भविष्य से...
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