गोंडा, अगस्त 11 -- मेहनौन, संवाददाता। तब्लीग का मतलब खुदा की बातों को लोगो तक पहुंचाना। नबी-ए-करीम की बातों को कुरआन और हदीस की रोशनी में हर मुसलमान बंदों तक पहुंचाना ही तब्लीग है जिससे उनकी जिन्दगी सुन्नत के तरीके में बीते। उनको दीन के साथ दुनिया में भी कामयाबी मिले। हुजूर के जमाने में भी सहाबा कई-कई मील पैदल चलकर अल्लाह के दीन की बातों को लोगो तक पहुंचाते थे। वही दावत और तब्लीग़ का सिलसिला आज भी पूरी दुनिया में चल रहा है। यह बाते तब्लीग जमात के कांफ्रेंस में अन्तिम दिन बाराबंकी के मौलाना हारिश ने कही। मौलाना ने कुरआन पाक की पहली आयत सूरे यासीन की विस्तृत जानकारी दी। अल्लाह की तरफ से भेजी गई दीन मेहनत पर काम करने की जरूरत है। आज दीन का तकाजा है कि हर घर से और मुहल्ले से लोग अल्लाह के रास्ते में अपना पैसा अपना समय निकालकर दीन को सीखें। दी...
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