लखनऊ, फरवरी 3 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गोण्डा के चर्चित स्वयं सहायता समूहों में सामुदायिक निवेश निधि में हुए करोड़ों के घोटाले में तीन महिलाओं को राहत दी है। न्यायालय ने मामले में नामजद की गई, सावित्री देवी, रंजना तिवारी व जोखना देवी की गिरफ़्तारी पर अगली सुनवाई तक के लिए अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही सभी को पांच फरवरी को 11 बजे सुबह विवेचक के समक्ष उपस्थित होकर विवेचना में सहयोग करने का भी आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान व न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने तीनों महिलाओं की याचिका पर पारित किया। न्यायालय ने याचिका पर राज्य सरकार से जवाब भी मांगा है। मामले की अगली सुनवाई नौ मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।
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