बरेली, फरवरी 11 -- बरेली। सपा सांसद नीरज मौर्य ने लोकसभा में प्रश्न उठाकर राष्ट्रीय गोकुल मिशन के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर उजागर किया। उन्होंने आंवला, शाहजहांपुर, बदायूं, जौनपुर और मछलीशहर जैसे जिलों में देशी नस्लों की उत्पादकता, किसानों को मिले वास्तविक लाभ और इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) प्रयोगशालाओं की स्थिति पर सरकार से जवाब मांगा। पूछा कि चयनित एक हजार उच्च निष्पादन ग्राम पंचायतों में आंवला समेत उत्तर प्रदेश की कितनी पंचायतें शामिल हैं और उन्हें मिली सहायता का वास्तविक असर क्या है। सरकार स्पष्ट आंकड़े देने में असमर्थ रही और केवल मानकों व प्रतिशतों की बात करती रही। पिछड़ी व कुपोषण प्रभावित पंचायतों के लिए ठोस योजना भी नहीं बताई गई। सांसद ने कहा कि सिर्फ सूची जारी करना पर्याप्त नहीं।
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