बक्सर, जून 28 -- सफाई नहीं होने से जलाशय के किनारे पसरी गंदगी पानी की जगह दलदल और जंगली झाड़ियों का साम्राज्य चक्की, एक संवाददाता। चक्की से गायघाट तक गोकुल जलाशय विलुप्त होने के कगार पर है। एक समय था जब चक्की-गायघाट के समीप गंगा की धारा प्रवाहित होती थी। जो गोकुल जलाशय के नाम से जानी जाती है। लेकिन, अब जलाशय अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। लाखों रुपये की लागत से निर्मित यह जलाशय उपेक्षा का शिकार है। पूर्व सांसद अश्विनी चौबे द्वारा जलाशय का नामकरण किया गया था। इसके तट पर हरियाली और पौधरोपण की योजना भी बनी थी। लेकिन, रखरखाव के अभाव में हरियाली सूख गई है। जलाशय के किनारे सफाई नहीं होने से गंदगी फैली है। जलाशय की बदहाली का आलम यह है कि यहां रेत के टीले और सूखी झाड़ियों का साम्राज्य कायम हो गया है। कभी यहां देश-विदेश से रंग-बिरंगे पक्षियों ...
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