झांसी, जनवरी 10 -- झांसी। उ प्र विधान परिषद की शिक्षा का व्यवसायीकरण संबंधी जांच समिति कार्यकारी सभापति डा धर्मेन्द्र सिंह ने समीक्षा की। कलेक्ट्रेट परिसर में उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद भर में जांचें यदि कोई भी गैर मान्यता प्राप्त मदरसा संचालित हो तो उसके विरुद्ध कार्रवाई करें। साथ ही कहा कि मानकों के अनुरूप संस्कृत परिषदीय मान्यता के लिए प्रेरित करें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आरटीआई के माध्यम से अनुचित लाभ लेने वाले कोई अभिभावक है तो उन्हें चिन्हित करते हुए कार्रवाई करें। बैठक में कहा कि "शिक्षा का व्यवसायीकरण जांच समिति" उ प्र विधान परिषद की एक समिति है, जो शिक्षा के व्यवसायीकरण और इससे जुड़े मामलों जैसे निजी शिक्षण संस्थानों का शुल्क, छात्रों की स्थिति और शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने की समीक्षा करती है, झांसी, जालौन एवं ललितपुर के अध...
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