देहरादून, दिसम्बर 14 -- रुड़की। जिले में गेहूं की बुवाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। गेहूं की फसल में अब खरपतवार किसानों के लिए बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। दिसंबर मध्य तक फसल में अच्छी बढ़वार हो चुकी है, वहीं उसके बीच गुल्ली डंडा, जंगली जई, बथुआ, सरसों व मंडूसी जैसे खरपतवार तेजी से उग आए हैं। किसानों का कहना है कि ये खरपतवार फसल के पोषक तत्वों को खराब कर लेते हैं, जिससे उत्पादन 30 से 40 प्रतिशत तक घटने की आशंका रहती है। निराई-गुड़ाई में अधिक मजदूरी लगने के कारण किसान मजबूरी में महंगे शाकनाशी रसायनों का प्रयोग कर रहे हैं। खेड़ा जट के किसान सोमपाल सिंह, सुरेश कुमार व दीपक ने चिंता जताई कि इससे लागत बढ़ रही है। वहीं पेस्टिसाइड विक्रेता आजाद सिंह ने बताया कि इस समय शाकनाशी दवाओं की मांग काफी बढ़ गई है।
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