आजमगढ़, दिसम्बर 6 -- आजमगढ़, संवाददाता। गेहूं की बुवाई का समय अब खत्म हो रहा है। जो किसान पिछड़ गए है, वे गेहूं की पिछैती प्रजाति की बुवाई कर सकते हैं। इससे उत्पादन कम प्रभावित होगा। गेहूं की बुवाई के लिए एक से 30 नवंबर तक का समय उपयुक्त समय होता है। खेत खाली न होने और नमी अधिक होने सहित अन्य कारणों से कुछ किसानों की गेहूं की बुवाई में विलंब हो गया है। कृषि विज्ञान केंद्र लेदौरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एलसी वर्मा ने बताया कि पिछैती बुवाई के लिए स्थानीय अनुकूलतानुसार प्रजातियों का किसान चयन कर सकते हैं। वे पीबीडब्ल्यू 752, एचडी-327, एचडी-3298, एचआई-1634 पूसा अहिल्या और पीबीडब्ल्यू-71 का चयन कर सकते हैं। विलंब की स्थिति में बुवाई जीरो टिलेज, हैपी सीडर, स्मार्ट सीडर मशीन से कर सकते हैं। खेत में नमी कम होने पर बीज को रातभर पानी में ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.