झांसी, फरवरी 24 -- गेहूं की देर से जिन किसानों ने बुआई की है उन किसानों को खेतों पर सावधानी बरतनी होगी। फसल में सिंचाई पोषण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। विशेषज्ञों ने बताया कि तेज हवा और बारिश की संभावना इस समय रहती है,जिससे खेतों में गेहूं की बाली गिरने की संभावना रहती है। खेतों को पोषण देना जरूरी है। रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय की कृषि वैज्ञानिक डॉ. गुंजन गुलेरिया ने देर से बुवाई वाले गेहूं की फसल को लेकर किसानों को महत्वपूर्ण सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने गेहूं की बुवाई देर से की है, वे फसल की सिंचाई और पोषण प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि ऐसी फसल तापमान और मौसम के उतार-चढ़ाव से अधिक प्रभावित होती है। डॉ. गुलेरिया ने बताया कि देर से बोई गई फसल में भारी सिंचाई बिल्कुल न करें। हल्की सिंचाई ही लाभकारी ...