अररिया, अप्रैल 17 -- खेतों को भी मिल जाती है पर्याप्त मात्रा में नाइट्रोजन: उद्यान पदाधिकारी रबी और खरीफ के बीच में मूंग की खेती किसानों के लिए फायदेमंद कुर्साकांटा, निज प्रतिनिधि जिले में गेहूं फसल की कटाई के साथ दोनी चल रही है। आम तौर पर किसान गेहूं के बाद खेतों में धान लगाते हैं। लेकिन धान की खेती शुरु होने में अभी लगभग तीन माह का समय बांकी है। ऐसे में किसान इस तीन महीने तक खेत को खाली छोड़ देते हैं। किसान गेहूं की खेती के बाद मूंग की खेती कर सकते हैं। इस खेती में कम लगात में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। मूंग एक ऐसी फसल है जो गेहूं के कटने के बाद खाली खेतों में यदि लगा दिया जाए तो धान की खेती से पहले ही फसल तैयार हो जाती है। इससे किसानों अच्छी आमदनी के साथ खेतों को पर्याप्त मात्रा में नाइट्रोजन भी मिल जाता है। खास बात यह है मुंग की फसल ल...
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