पूर्णिया, नवम्बर 4 -- मीरगंज, एक संवाददाता। मीरगंज क्षेत्र के चिकनी डुमरिया पंचायत अंतर्गत बंगाली टोला गांव में किसानों ने पिछले कई सालों से परंपरागत धान मक्का की खेती छोड़कर गेंदा की खेती को अपनाकर अपनी किस्मत बदल दी है। किसान फूलों की खेती कर फिज़ा में न केवल सुगंध बिखेर रहे हैं बल्कि अपनी जीवन को संवार रहे हैं। साथ ही महिला किसान भी अपनी भागीदारी निभाकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। यह एक सकारात्मक बदलाव है। किसान अजय दास साजन मजूमदार, दामिनी सरकार, नेहा सरकार,आदि ने बताया कुछ वर्षों में गेंदे के फूल की खेती कर अपने परिवार की जिंदगी बदल दी। गेंदा की खेती क कम समय में बेहतर मुनाफा कमाया है। उन्होंने बताया कि गेंदा की एक साल में तीन फसलें लगाई जा सकती हैं और प्रत्येक फसल से अच्छी आमदनी होती है। एक एकड़ में लगभग दो से ढाई लाख रूपया तक की आमदनी ह...
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