मऊ, जुलाई 10 -- मऊ। गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ दाखिल फौजदारी निगरानी बुधवार को एमपी/एमएलए विशेष अदालत के एडीजे राजीव कुमार वत्स ने स्वीकार कर ली। मामले में मंगलवार को दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है। कोर्ट ने अधीनस्थ न्यायालय का 18 फरवरी, 2022 का वह आदेश भी रद्द कर दिया, जिसमें फौजदारी निगरानी क्षेत्राधिकार के सवाल पर खारिज की गई थी। संबंधित पत्रावली पुन: सुनवाई के लिए एमपी/एमएलए कोर्ट सीजेएम को वापस कर दी गई। दोहरीघाट निवासी नवल किशोर शर्मा ने फौजदारी निगरानी दाखिल आरोप लगाया था कि दो फरवरी, 2022 को सहसवान (बदायूं) कस्बे के इस्लाम नगर स्थित रामलीला मैदान में जनसभा गृहमंत्री अमित शाह के भाषण से लोगों की धार्मिक भावना आहत हुई थी। कोर्ट ने उनका वाद 18 फरवरी, 2022 को अदालत का क्षेत्राधिकार नहीं मानते हुए खारिज कर दिया था। उन्होंने इसके ...
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