नई दिल्ली, अगस्त 12 -- दिल्ली एनसीआर में आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आलोचना करते हुए पशु अधिकार कार्यकर्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने इसे गुस्से में लिया हुआ फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास इतने सारे कुत्तों को रखने के लिए जगह है ही नहीं। मेनका गांधी ने इस तरह के आदेश को लागू करने के लिए सुविधाओं की कमी की ओर इशारा किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कुत्तों को शिफ्ट करने के लिए सरकार को कम से कम 3000 शेल्टर होम और 1.5 लाख से ज्यादा सफाई कर्मचारियों की जरूरत है। मेनका गांधी नेदिल्ली में एक भी सरकारी शेल्टर होम नहीं है। आप कितने आश्रय स्थलों में 3 लाख कुत्ते रखेंगे? आपके पास तो एक भी नहीं है। इन शेल्टर को बनाने के लिए आपको कम से कम 15 हजार करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। आपको उन जगहों पर 3000 शेल्टर ढू...
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