कानपुर, अक्टूबर 9 -- डीएम ने कहा इसे मनोविज्ञान की सरल तकनीकों से कर सकते नियंत्रित उन्होंने युवाओं को डिजिटल एडिक्शन से बचने के लिए प्रेरित किया कानपुर, प्रमुख संवाददाता। युवाओं में गुस्से की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही। जिससे तनाव या अवसाद के साथ आत्महत्या की घटनाओं में वृद्धि हुई है। इसे मनोविज्ञान की सरल तकनीकों से नियंत्रित किया जा सकता है। यह बात जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने पीपीएन कॉलेज में कही। मौका रहा, कॉलेज में मनोविज्ञान विभाग की ओर से विश्व मानसिक दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यशाला का। डीएम ने युवाओं को डिजिटल एडिक्शन से बचने के लिए प्रेरित किया। कहा, तकनीक का इस्तेमाल संतुलन में जरूरी है। अधिक प्रयोग अनेक तरह की मानसिक बीमारियां दे सकता है। युवाओं को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बना सकते हैं...
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