चक्रधरपुर, सितम्बर 8 -- चक्रधरपुर। देश के इतिहास में पहली बार गुवा में अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रॉस कानून को तोड़ अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे आठ आदिवासियों को बंदूक के बट और अस्पताल परिसर में खड़ा कर गोलियों से भून दिया था। 8 सितंबर 1980 में हुए इस गोली कांड में 11 आदिवासी शहीद हो गये थे, तब से यहां शहीदों को हर श्रद्धांजलि दी जाती है। गुवा गोली कांड के पुरोधा सह झारखंड आंदोलनकारी चिह्नीकरण आयोग के सदस्य भुवनेश्वर महतो आज भी गुवा गोलीकांड को याद कर सिहर उठते हैं। वह बताते हैं कि कोल्हान की धरती पर बुरु, दिरी, दारू ओतेहासा अबुआ अबुआ (जल, जंगल और जमीन आदिवासियों का हक और अधिकार) समेत अलग झारखंड राज्य की मांग को लेकर कोल्हान में आंदोलन चल रहा था। इसे लेकर स्व. देवेंद्र मांझी, भुवनेश्वर महतो, शैलेंद्र महतो, लाल सिंह मुंडा, मछुआ गागराई, शुला पूर्ति...
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