नई दिल्ली, दिसम्बर 5 -- Premanand Maharaj Latest Pravachan: वृंदावन के जाने माने संत प्रेमानंद महाराज एकांतित वार्तालाप के दौरान भक्तों के सवालों के जवाब देते हैं। इनमें से कुछ सवाल ऐसे होते हैं जो कहीं ना कहीं हर किसी के मन में होते हैं। हाल ही में एक प्रवचन के दौरान प्रेमानंद महाराज से इस दौरान एक श्रद्धालु ने पूछा कि गुरुजी में अपने गुरुजी को ही भगवान मानता हूं। क्या गुरू में ही भगवान को देख लेने से भगवान नाराज तो नहीं हो जाएंगे? इस सवाल पर प्रेमानंद महाराज ने बड़ा ही खूबसूरत सा जवाब दिया। उनका जवाब जानने के लिए नीचे विस्तार से पढ़ें...भगवान होते हैं नाराज? प्रेमानंद महाराज ने कहा कि भगवान ही गुरु हैं। भगवान कोई और थोड़ी हैं। बंदउँ गुरु पद कंज कृपा सिंधु नररूप हरि। हरि ने नररूप धारण किया मेरे लिए। मेरे लिए पर्सनल अवतार हैं। मेरे लिए गु...
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