हजारीबाग, अगस्त 5 -- हजारीबाग। दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर सीपीएम नेता गणेश कुमार सीटू ने गहरा शोक जताया है। उन्होंने कहा कि देश ने अपने सबसे बड़े आदिवासी नेता को खो दिया। दुमका के चिरुड़ीह कांड में नाम आने के बाद वे सुर्खियों में आए और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। महाजनों के खिलाफ लड़ते हुए शिवचरण मांझी से शिबू सोरेन बनने तक का उनका सफर प्रेरणादायक रहा। झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना से लेकर झारखंड को अलग राज्य बनाने तक, उनका योगदान ऐतिहासिक रहा। वे दुमका से सात बार सांसद, तीन बार कोयला मंत्री और तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे। गणेश कुमार ने कहा कि शिबू सोरेन का जाना जल, जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ रहे लोगों के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। आने वाली पीढ़ियों को उनके संघर्ष को जानना और समझना चाहिए।
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