नई दिल्ली, जुलाई 24 -- भारतीय पारंपरिक गुरुकुल शिक्षा पद्धति में प्रशिक्षित छात्र अब आईआईटी से शोध कर पाएंगे। शिक्षा मंत्रालय के अधीनस्थ इंडियन नॉलेज सिस्टम डिविजन और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की ओर से संयुक्त रूप से सेतुबंध स्कॉलर स्कीम शुरू की गई है।कौन-कौन कर पाएगा रिसर्च? पहली बार शुरू की गई यह योजना उन पारंपरिक विद्वानों के लिए है, जिन्होंने कम से कम पांच वर्षों तक किसी गुरु या गुरुकुल में रहकर भारतीय विद्याओं या कलाओं में गहन अध्ययन किया है। ऐसे 18 क्षेत्र चयनित किए गए हैं, जिसमें शोध करने का मौका मिलेगा। जिन छात्रों ने पारंपरिक पद्धति से अध्ययन किया है, लेकिन जिनके पास औपचारिक डिग्री नहीं है, वे अब अपनी विद्वत्ता प्रमाणित करके मान्यता प्राप्त डिग्री के साथ-साथ शोध भी कर पाएंगे।इन आईआईटी में मिलेगा मौका केंद्रीय संस्कृति विश्वव...
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