गुमला, फरवरी 19 -- गुमला प्रतिनिधि। जिले में करोड़ों रुपये खर्च कर प्लस टू इंटर कॉलेजों के भव्य भवन तो खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन अंदर विज्ञान शिक्षा की बुनियाद कमजोर है। अधिकांश सरकारी प्लस टू स्कूलों में प्रयोगशाला या तो है ही नहीं,और जहां है वहां प्रशिक्षित लैब शिक्षक तथा आवश्यक उपकरणों का अभाव बना हुआ है। नतीजा यह कि विज्ञान की पढ़ाई किताबों तक सिमट कर रह गई है। जिले के कई प्लस टू स्कूलों में भौतिकी,रसायन और जीव विज्ञान की प्रयोगशालाएं या तो अधूरी हैं या वर्षों से बंद पड़ी हैं। प्रयोगशाला संचालन के लिए आवश्यक शिक्षक नहीं हैं, जिससे प्रायोगिक कक्षाएं नियमित नहीं हो पातीं। छात्रों का कहना है कि प्रैक्टिकल की जगह उन्हें केवल थ्योरी पढ़ाई जाती है,जिससे विषय समझना कठिन हो जाता है और परीक्षा में भी नुकसान उठाना पड़ता है।विज्ञान शिक्षकों का क...